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Raj
vo mirii baahon men be-fikr mulawwis hui hai
vo mirii baahon men be-fikr mulawwis hui hai | वो मिरी बाहों में बे-फ़िक्र मुलव्विस हुई है
- Raj
वो
मिरी
बाहों
में
बे-फ़िक्र
मुलव्विस
हुई
है
कब्र
पे
हार
कोई
फूलों
का
रक्खा
हुआ
है
- Raj
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बाजी
बदी
थी
उसने
मेरे
चश्मे-तर
के
साथ
आख़िर
को
हार
हार
के
बरसात
रह
गई
Khwaja Meer Dard
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हर
दिन
ही
मोहब्बत
को
पाने
की
लड़ाई
में
जो
हार
नहीं
सकता
वो
जीत
नहीं
सकता
Hasan Raqim
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तेरा
मोहब्बत
से
हार
जाना
मेरी
मोहब्बत
की
हार
भी
है
Siddharth Saaz
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हम
आज
राह-ए-तमन्ना
में
जी
को
हार
आए
न
दर्द-ओ-ग़म
का
भरोसा
रहा
न
दुनिया
का
Waheed Quraishi
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खेल
ज़िंदगी
के
तुम
खेलते
रहो
यारो
हार
जीत
कोई
भी
आख़िरी
नहीं
होती
Hastimal Hasti
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तू
मोहब्बत
से
कोई
चाल
तो
चल
हार
जाने
का
हौसला
है
मुझे
Ahmad Faraz
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हमारा
मसअला
है
जो
हमी
ने
हार
जाना
है
हमारी
खुद-कुशी
में
ज़िन्दगी
ने
हार
जाना
है
Nawaaz
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शरीफ़
इंसान
आख़िर
क्यूँ
इलेक्शन
हार
जाता
है
किताबों
में
तो
ये
लिक्खा
था
रावन
हार
जाता
है
Munawwar Rana
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हार
हो
जाती
है
जब
मान
लिया
जाता
है
जीत
तब
होती
है
जब
ठान
लिया
जाता
है
Shakeel Azmi
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ये
कब
कहती
हूँ
तुम
मेरे
गले
का
हार
हो
जाओ
वहीं
से
लौट
जाना
तुम
जहाँ
बेज़ार
हो
जाओ
Parveen Shakir
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सवाल
है
घड़ी
ईजाद
करने
वाले
से
मिलायी
पहली
घड़ी
उसने
किस
घड़ी
के
साथ
Raj
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ग़म
को
गद-गद
करते
हैं
आप
भी
ना,
हद
करते
हैं
Raj
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वो
सब
सेे
पहला
लकड़हारा
कौन
होगा
गर
शजर
को
काट
के
कुल्हाड़ियाँ
बनाते
हैं
Raj
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बात
है
धोके
की
ईजाद
से
पहले
बात
है
ताले
की
ईजाद
से
पहले
इक
आवाज़
में
दौड़े
आते
थे
लोग
बात
है
जूते
की
ईजाद
से
पहले
मंदिर
मस्जिद
गिरजाघर
होते
थे
हर
इक
टीके
की
ईजाद
से
पहले
दूर
रखे
होंगे
झीलों
से
पत्थर
तब
आईने
की
ईजाद
से
पहले
लोग
तजरबे
से
आगे
तक
आए
पढ़ने
लिखने
की
ईजाद
से
पहले
तेज़
हवा
का
डेरा
होगा
जग
में
उसके
झुमके
की
ईजाद
से
पहले
मेरी
ख़ामी
पे
चादर
चढ़ती
थी
तेरे
क़िस्से
की
ईजाद
से
पहले
प्यार
रहा
होगा
लोगों
में
कितना
सिक्के
पैसे
की
ईजाद
से
पहले
अश्क
छिपाना
भी
फ़न
होता
होगा
काले
चश्में
की
ईजाद
से
पहले
लोग
लगाते
होंगे
अंदाज़े
राज
तब
दरवाज़े
की
ईजाद
से
पहले
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Raj
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अबके
रमज़ान
खुले
राज़
कई
रोज़ों
के
साथ
कम
से
कम
एक
क़सम
तो
मिले
खाने
के
लिए
Raj
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