bijli kadki baadal garja main KHaamosh raha | बिजली कड़की बादल गरजा मैं ख़ामोश रहा

  - Jafar Shirazi
बिजलीकड़कीबादलगरजामैंख़ामोशरहा
इसकोहराममेंभीदुनियामैंख़ामोशरहा
सुब्हकीचापनेमुझकोसदादीमैंनेबातकी
शामकीचुपनेमुझकोपुकारामैंख़ामोशरहा
कितनेगीतबिखेरतेमौसममेरेसामनेआए
मैंथाजातीरुतकासायामैंख़ामोशरहा
गुज़रेमेरेपाससेहोकरशोरभरेमेले
सैल-ए-हवादिसतूनेदेखामैंख़ामोशरहा
कितनेपानीसरसेगुज़रेमेरीज़बाँखुली
साहिलसाहिलदरियादरियामैंख़ामोशरहा
'जाफ़र'देखकेग़मबरसातीज़िंदगियोंकेसमय
बीतगईइसदिलपरक्याक्यामैंख़ामोशरहा
  - Jafar Shirazi
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