apne ehsaas se baahar nahin hone deta | अपने एहसास से बाहर नहीं होने देता

  - Jafar Shirazi
अपनेएहसाससेबाहरनहींहोनेदेता
राज़ज़ाहिरभीयेमुझपरनहींहोनेदेता
ख़ौफ़-ए-रुस्वाईसेकरदेताहैहैराँऐसा
मेरीआँखोंकोसमुंदरनहींहोनेदेता
मोमकरदेताहैजबलौटकेजाताहै
मुझकोफ़ुर्क़तमेंवोपत्थरनहींहोनेदेता
देखताहूँतोकभीचाँदकभीफूलहैवो
अपनीसूरतमुझेअज़बरनहींहोनेदेता
जीमेंहैउड़केचलाजाऊँजहाँरहताहै
वोमिराघरभीमिराघरनहींहोनेदेता
जबभीमिलताहैतोबसटूटकेमिलताहैमुझे
अपनेग़मकामुझेख़ूगरनहींहोनेदेता
रूठभीजातेहैं'जअफ़र'तोमनालेनेमें
मुझकोअपनेसेवोबेहतरनहींहोनेदेता
  - Jafar Shirazi
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