mukhtasar kamre ki | मुख़्तसर कमरे की

  - Jafar Sahni
मुख़्तसरकमरेकी
एकछोटीसीमग़्मूमखिड़की
कभीदेखतीहैजोबाहरकीदुनिया
उदासीबहुतबढ़जातीहैउसकी
मगरसामनेकेहरेलॉनकेफूल
चम्पाचमेलीगुलाबऔरबेलाकीपोशाक
पहनेहुएमुस्कुरातेहुए
रंगख़ुशबूकेलहजेमेंउसको
सुनातेहैंमासूमलम्होंकाक़िस्सा
हथेलीपेफिरइन्हीमासूमलम्होंकी
तहरीरकरतीहैदिलकशहँसी
एकचहकारकोयलकी
औरजबमोहब्बतकीउँगलीनज़ाकतसेथा
में
ख़िरामाँख़िरामाँ
अनोखासाइकफूलइसलॉनपर
'मीर'केशे'रकिपंखुड़ीचुननेलगताहै
तबवक़्तकेक़हक़होंका
बहुतख़ुशनुमासिलसिला
ठहरजाताहै
इसमुख़्तसरकमरेकी
छोटीसीखिड़कीमें
  - Jafar Sahni
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