aarzoo kaamraan nahin lagti | आरज़ू कामराँ नहीं लगती

  - Jafar Sahni
आरज़ूकामराँनहींलगती
ज़िंदगीशादमाँनहींलगती
हैहलावतनहींबयाँमेंजब
दिल-नशींदास्ताँनहींलगती
मैंसजाकरइसेबहुतख़ुशहूँ
फिरभीमहफ़िलजवाँनहींलगती
इश्क़केबोलयूँँतोदिलकशहैं
मो'तबरसीज़बाँनहींलगती
गुफ़्तुगूकरकेआजजुगनूसे
रातकुछराएगाँनहींलगती
रंगख़ुश्बूसबानहींमुझमें
सोचजन्नत-निशाँनहींलगती
प्यारकीवोहसीनसीआहट
जोवहाँथीयहाँनहींलगती
फूलशबनमकाअक्सलगतीथी
वोहवाअबरवाँनहींलगती
'साहनी'-जीहज़ारकोशिशसे
येज़मींआसमाँनहींलगती
  - Jafar Sahni
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