har taraf mauj-e-balaa ki si ravaani dekhi | हर तरफ़ मौज-ए-बला की सी रवानी देखी

  - Jafar Sahni
हरतरफ़मौज-ए-बलाकीसीरवानीदेखी
अश्ककीगोदमेंमजबूरकहानीदेखी
हमबदलतेहीरहेइश्क़मेंमौसमकेमगर
घरकीचौखटपेसदागर्दपुरानीदेखी
दर्दकेसहनकोदुश्मननहींजानाहमने
इसमेंदिलकशनईदुनियाकीनिशानीदेखी
दश्त-ए-वहशतकीनुमाइशकाहवालादेकर
शहर-ए-दिलदारकेतेवरकीजवानीदेखी
चाँदतारोंकेतलेहाथमेंख़ंजरथा
में
मुस्कुरातीसीकहींएकदिवानीदेखी
एकआवाज़नईकानमेंगूँजीउसदम
जबभीतस्वीरज़मानेकीसुहानीदेखी
ख़ुश-लिबासीपेहवाओंकीजाना'जाफ़र'
उसकेहल्क़ेमेंपरेशानसीरानीदेखी
  - Jafar Sahni
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy