dil men baitha tha ek dar shaayad | दिल में बैठा था एक डर शायद

  - Jafar Sahni
दिलमेंबैठाथाएकडरशायद
आजभीहैवोहम-सफ़रशायद
हाथपत्थरसेहोगएख़ाली
पेड़परहैनहींसमरशायद
ढूँढताथावजूदअपनावो
थाइधरअबगयाउधरशायद
सुर्ख़ियाँउगरहीहैंदामनपर
होगयाहाथख़ूँसेतरशायद
फूलउल्फ़तकेखिलरहेहोंजहाँ
होगाऐसाभीइकनगरशायद
बेकलीबढ़गईहैदरियाकी
कहगयाझुककेकुछशजरशायद
दर्दकाहोगयाहैमस्कनवो
लोगकहतेहैंजिसकोघरशायद
मिलकेउनसेख़ुशीहुईमुझको
वोभीहोंगेतोख़ुशमगरशायद
रोतेरोतेहँसीमिरीख़्वाहिश
मिलगईइकनईख़बरशायद
दिनकाकटनामुहालहैतोसही
रातहोजाएगीबसरशायद
आगपानीमेंजोलगाताहै
वोभीहोगाकोईबशरशायद
सहन-ए-दिलसेख़ुशीनहींगुज़री
रास्ताथावोपुर-ख़तरशायद
धूपकेघरघटागई'जाफ़र'
ख़ुश्ककरनेकोबाल-ओ-परशायद
  - Jafar Sahni
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy