tamasha ik anokha sa dikhaana | तमाशा इक अनोखा सा दिखाना

  - Jafar Sahni
तमाशाइकअनोखासादिखाना
तरद्दुदमेंखुलाचेहरादिखाना
उसेमैंरामकरलूँगायक़ीनन
भरीमहफ़िलमेंबसतन्हादिखाना
हमेशाजोशमेंरहनानहींहै
कभीजज़्बाबहुतधीमादिखाना
अगरकहनाहुआमुश्किलज़बाँसे
इशारोंमेंनईदुनियादिखाना
दिलासेकेलिएवोगएहैं
कोईज़ख़्मीकोईमुर्दादिखाना
उसेआसानहैफ़नकारहैवो
किसीमग़्मूमकोहँसतादिखाना
समरपुख़्ताहमाराहोरहेगा
शजरकेपासतुमढीलादिखाना
ज़राबहतेहोईपानीको'जाफ़र'
मिरातपताहुआसहरादिखाना
  - Jafar Sahni
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy