KHaak men lipti kahaanii aur hai | ख़ाक में लिपटी कहानी और है

  - Jafar Sahni
ख़ाकमेंलिपटीकहानीऔरहै
रंगलेकिनआसमानीऔरहै
कलतलकवोबाँटतीख़ुश्बूरही
अबहवाकीछेड़-ख़ानीऔरहै
धूपकेसहरामेंचलकरदेखना
आबलोंकीशादमानीऔरहै
चींटियोंसेफिरमिरावा'दाहुआ
एककोशिशआज़मानीऔरहै
रातकेघरमेंबड़ाकोहरामथा
सुब्हकीअबबे-ज़बानीऔरहै
तितलियोंकोथीसबाकीजुस्तुजू
गुलिस्ताँमेंहुक्मरानीऔरहै
कोंपलेंइज़्न-ए-सफ़रकीमुंतज़िर
ज़र्दपत्तोंमेंकहानीऔरहै
मेहरबाँफूलोंपेलगतीथीहवा
बहतेपानीकीरवानीऔरहै
हाँनदामततुझकोहोनीचाहिए
हैफ़'जाफ़र'पानीपानीऔरहै
  - Jafar Sahni
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