jabeen pe shahar ki likh kar fazaa udaasi ki | जबीं पे शहर की लिख कर फ़ज़ा उदासी की

  - Jafar Sahni
जबींपेशहरकीलिखकरफ़ज़ाउदासीकी
बहुतहैख़ुशकोईदेकरदु'आउदासीकी
हयातपासकेगीहुसैनसीख़्वाहिश
समाअ'तोंमेंहैजबतकसदाउदासीकी
फ़लककेचाँदसितारोंमेंरौशनीकमहै
मुझेतोलगतीहैइसमेंख़ताउदासीकी
चहकतीशाममेंमासूमक़हक़होंकेबीच
सजीहैक्यूँँतिरेसरपररिदाउदासीकी
चराग़शौक़सेआख़िरवोहोगयारौशन
लिएथीक़ैदमेंजिसकोघटाउदासीकी
होसकामुझेमालूमकरगईकैसे
मिरेवजूदकोलर्ज़ांहवाउदासीकी
ग़मोंकीरुतसेकभीदिलफ़िगारमतहोना
ख़ुशीलुटागईअक्सरअदाउदासीकी
मसर्रतोंसेकहींदिल-रुबासितमनिकला
लपेटेशालबहुतख़ुशनुमाउदासीकी
अजीबहालहै'जाफ़र'बदलतेमौसमका
किसीकोकरगईशादाँसज़ाउदासीकी
  - Jafar Sahni
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