KHaamosh nigaahon se vo yalghaar ka hona | ख़ामोश निगाहों से वो यलग़ार का होना

  - Jafar Sahni
ख़ामोशनिगाहोंसेवोयलग़ारकाहोना
मिलताहैनफ़ीमेंकिसीइक़रारकाहोना
महफ़ूज़मिरेख़्वाबकोबतलातानहींहै
इकअक्स-ए-तरद्दुदमेंनिगह-दारकाहोना
हैरतमेंनहींडालताअबशहर-ए-गुमाँको
हररोज़लहू-रंगमेंअख़बारकाहोना
आसार-ए-तअ'ल्लुक़कोजलादेताहैअक्सर
गुमनामकिसीदर्दमेंग़म-ख़्वारकाहोना
रस्तेकेतकल्लुफ़सेचलोबातकरेंकुछ
मुमकिननहींहरमोड़पेघर-बारकाहोना
लम्होंकेइशारोंसेअयाँहोनेलगाहै
गलियोंमेंमिरेयारकीअग़्यारकाहोना
करताहैबहुतयादशब-ओ-रोज़मिरादिल
फूलोंकेनगरमेंरह-ए-पुर-ख़ारकाहोना
अक़्लीम-ए-जफ़ा-केशमेंतुमदेखना'जाफ़र'
लाज़िमहैपस-ए-दरकिसीदीवारकाहोना
  - Jafar Sahni
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