nashtar si dil men chubhti hui baat le chalen | नश्तर सी दिल में चुभती हुई बात ले चलें

  - Jafar Raza
नश्तरसीदिलमेंचुभतीहुईबातलेचलें
आएहैंतोख़ुलूसकीसौग़ातलेचलें
वीरानियोंकेघरमेंमिरादमहीघुटजाए
ख़याल-ए-यारतुझेसाथलेचलें
जबरौशनीथीचलताथासायाभीसाथसाथ
अबहैअँधेरीरातकिसेसाथलेचलें
जिसमेंउमीद-ओ-यासफ़रेब-ए-नज़ररही
इसहफ़्त-ख़्वान-ए-ग़मकीरिवायातलेचलें
शम-ए-उमीदजिसमेंफ़रोज़ाँहोसकी
अबउसकीबज़्म-ए-नाज़मेंवोरातलेचलें
कुछबेकसोंकेघरजलेकुछबे-दयारहैं
उनकेहुज़ूरअश्कोंकीबरसातलेचलें
रंग-ए-शफ़क़मेंख़ून-ए-शहीदाँहैजल्वा-गर
अपनेअज़ीममुल्ककीसौग़ातलेचलें
अपनेनगरमेंबसयहीकिर्चेंहैंहरतरफ़
कुछगौहर-ए-तलाफ़ी-ए-माफ़ातलेचलें
  - Jafar Raza
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