main vaqt ki aabjoo se aage nikal gaya hooñ | मैं वक़्त की आबजू से आगे निकल गया हूँ

  - Jabbar Wasif
मैंवक़्तकीआबजूसेआगेनिकलगयाहूँ
सोदहरकीहा-ओ-हूसेआगेनिकलगयाहूँ
मैंबे-शरीअ'ततहारतोंकीतलाशमेंथा
मैंबा-शरीअ'तवुज़ूसेआगेनिकलगयाहूँ
तूजानताहैकिमेराविज्दानवज्दमेंहै
तूजानताहैमैंतूसेआगेनिकलगयाहूँ
मैंरक़्सकरतेहुएतहज्जुदकीसाअ'तोंमें
इबादतोंकेग़ुलूसेआगेनिकलगयाहूँ
न-जानेकिसकाएनातमेंपावँरखदिएहैं
मैंरात-दिनकीनुमूसेआगेनिकलगयाहूँ
अबसहैंसबआलम-ए-तहय्युरमिरीनज़रमें
मैंआलम-ए-जुस्तुजूसेआगेनिकलगयाहूँ
मैंइसजहान-ए-क़बा-दरीदाकाबख़िया-गरथा
मगरमैंकार-ए-रफ़ूसेआगेनिकलगयाहूँ
मुझेनईशक्लकीज़मींपरहैबातकरनी
मैंबैज़वीगुफ़्तुगूसेआगेनिकलगयाहूँ
मिरीअजलकीभीमौतईजादहोगईहै
मैंसाँसलेतेलहूसेआगेनिकलगयाहूँ
मुझेनहींअपनेरख़्त-ए-हस्तीकीफ़िक्र'वासिफ़'
मैंहस्तकीआरज़ूसेआगेनिकलगयाहूँ
  - Jabbar Wasif
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