dayaar-e-dard se aaya hua nahin lagta | दयार-ए-दर्द से आया हुआ नहीं लगता

  - Jabbar Wasif
दयार-ए-दर्दसेआयाहुआनहींलगता
मैंअहल-ए-दिलकोसतायाहुआनहींलगता
मिरावजूदजहाँहैवहाँशुहूदनहीं
मैंभीजाऊँतोआयाहुआनहींलगता
येबातसचहैउसीनेमुझेबनायाहै
मगरमैंकुनसेबनायाहुआनहींलगता
येबे-हिजाबफ़लकऔरयेबे-लिबासज़मीं
मुझेतोकुछभीछुपायाहुआनहींलगता
हैबारिशोंमेंमिलावटकिगर्दआँखोंमें
कोईभीपेड़नहाएाहुआनहींलगता
मिरीपलेटमेंख़िल्क़तकीभूकनाचतीहै
इसीलिएमुझेखायाहुआनहींलगता
मिरीकमरपेलदाहैअनाजबच्चोंका
वोबोझहैकिउठायाहुआनहींलगता
फ़सुर्दाचेहराशिकस्ताक़दमझुकीनज़रें
ग़रीबबापकमायाहुआनहींलगता
धरीहैजिसपेतसल्लीकीदेगची'वासिफ़'
मुझेवोचूल्हाजलायाहुआनहींलगता
  - Jabbar Wasif
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