tum pe kya beet gaii kuchh to batao yaaro | तुम पे क्या बीत गई कुछ तो बताओ यारो

  - Jaan Nisar Akhtar
तुमपेक्याबीतगईकुछतोबताओयारो
मैंकोईग़ैरनहींहूँकिछुपाओयारो
इनअँधेरोंसेनिकलनेकीकोईराहकरो
ख़ून-ए-दिलसेकोईमिशअलहीजलाओयारो
एकभीख़्वाबहोजिनमेंवोआँखेंक्याहैं
इकइकख़्वाबतोआँखोंमेंबसाओयारो
बोझदुनियाकाउठाऊँगाअकेलाकबतक
होसकेतुमसेतोकुछहाथबटाओयारो
ज़िंदगीयूँँतोबाँहोंमेंचलीआएगी
ग़म-ए-दौराँकेज़रानाज़उठाओयारो
उम्र-भरक़त्लहुआहूँमैंतुम्हारीख़ातिर
आख़िरीवक़्ततोसूलीचढ़ाओयारो
औरकुछदेरतुम्हेंदेखकेजीलूँठहरो
मेरीबालींसेअभीउठकेजाओयारो
  - Jaan Nisar Akhtar
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