ranj-o-gham maange hai andoh-o-bala maange hai | रंज-ओ-ग़म माँगे है अंदोह-ओ-बला माँगे है

  - Jaan Nisar Akhtar
रंज-ओ-ग़ममाँगेहैअंदोह-ओ-बलामाँगेहै
दिलवोमुजरिमहैकिख़ुदअपनीसज़ामाँगेहै
चुपहैहरज़ख़्म-ए-गुलूचुपहैशहीदोंकालहू
दस्त-ए-क़ातिलहैजोमेहनतकासिलामाँगेहै
तूभीइकदौलत-ए-नायाबहैपरक्याकहिए
ज़िंदगीऔरभीकुछतेरेसिवामाँगेहै
खोईखोईयेनिगाहेंयेख़मीदापलकें
हाथउठाएकोईजिसतरहदु'आमाँगेहै
रासअबआएगीअश्कोंकीआहोंकीफ़ज़ा
आजकाप्यारनईआब-ओ-हवामाँगेहै
बाँसुरीकाकोईनग़्मासहीचीख़सही
हरसुकूत-ए-शब-ए-ग़मकोईसदामाँगेहै
लाखमुनकिरसहीपरज़ौक़-ए-परस्तिशमेरा
आजभीकोईसनमकोईख़ुदामाँगेहै
साँसवैसेहीज़मानेकीरुकीजातीहै
वोबदनऔरभीकुछतंगक़बामाँगेहै
दिलहरइकहालसेबेगानाहुआजाताहै
अबतवज्जोहतग़ाफ़ुलअदामाँगेहै
  - Jaan Nisar Akhtar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy