ऐदर्द-ए-इश्क़तुझसेमुकरनेलगाहूँमैं
मुझकोसँभालहदसेगुज़रनेलगाहूँमैं
पहलेहक़ीक़तोंहीसेमतलबथाऔरअब
एकआधबातफ़र्ज़भीकरनेलगाहूँमैं
हरआनटूटतेयेअक़ीदोंकेसिलसिले
लगताहैजैसेआजबिखरनेलगाहूँमैं
ऐचश्म-ए-यारमेरासुधरनामुहालथा
तेराकमालहैकिसुधरनेलगाहूँमैं
येमेहर-ओ-माहअर्ज़-ओ-समामुझमेंखोगए
इककाएनातबनकेउभरनेलगाहूँमैं
इतनोंकाप्यारमुझसेसँभालानजाएगा
लोगोंतुम्हारेप्यारसेडरनेलगाहूँमैं
दिल्लीकहाँगईंतेरेकूचोंकीरौनक़ें
गलियोंसेसरझुकाकेगुज़रनेलगाहूँमैं