bahut dil kar ke honton ki shagufta taazgi dii hai | बहुत दिल कर के होंटों की शगुफ़्ता ताज़गी दी है

  - Jaan Nisar Akhtar
बहुतदिलकरकेहोंटोंकीशगुफ़्ताताज़गीदीहै
चमनमाँगाथापरउसनेब-मुश्किलइककलीदीहै
मिरेख़ल्वत-कदेकेरातदिनयूँँहीनहींसँवरे
किसीनेधूपबख़्शीहैकिसीनेचाँदनीदीहै
नज़रकोसब्ज़मैदानोंनेक्याक्यावुसअतेंबख़्शीं
पिघलतेआबशारोंनेहमेंदरिया-दिलीदीहै
मोहब्बतना-रवातक़्सीमकीक़ाएलनहींफिरभी
मिरीआँखोंकोआँसूतेरेहोंटोंकोहँसीदीहै
मिरीआवारगीभीइककरिश्माहैज़मानेमें
हरइकदरवेशनेमुझकोदुआ-ए-ख़ैरहीदीहै
कहाँमुमकिनथाकोईकामहमजैसेदिवानोंसे
तुम्हींनेगीतलिखवाएतुम्हींनेशा'इरीदीहै
  - Jaan Nisar Akhtar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy