tham ga.e ashk bhi barase hue baadal ki tarah | थम गए अश्क भी बरसे हुए बादल की तरह

  - J. P. Saeed
थमगएअश्कभीबरसेहुएबादलकीतरह
दिलकीबेताबीवहीआजभीहैकलकीतरह
मैंभीहूँअश्क-फ़िशाँआपअकेलेहीनहीं
मेरादामनभीहैनमआपकेआँचलकीतरह
जाम-ओ-साग़रहीपेमौक़ूफ़नहींहैसाक़ी
हमभीगर्दिशमेंहैंइकदौर-ए-मुसलसलकीतरह
इंतिज़ार-ए-शब-ए-वा'दाकीपूछोरूदाद
रातआँखोंमेंकटीहैकिसीबेकलकीतरह
किसीउम्मीदकामस्कनतमन्नाकामहल
दिलकीवीरानीहैसुनसानसेजंगलकीतरह
आपजलजाएमगरऔरोंकोमहज़ूज़करे
ज़िंदगीतुमभीगुज़ारोयूँँहीसंदलकीतरह
तेरेजलनेसेअगरतीरगीकमहोदिल
तूभीजलजाकिसीजलतीहुईमशअ'लकीतरह
लाशेंबिखरीहैंतमन्नाओंकीअरमानोंकी
क़ल्बकागंज-ए-शहीदाँभीहैमक़्तलकीतरह
  - J. P. Saeed
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