शिकस्त-ओ-फ़त्ह-ए-मुक़ाबिलसेबे-नियाज़तोहै
ब-फ़ैज़-ए-दार-ओ-रसनइश्क़सरफ़राज़तोहै
उसीसेनिकलेंगेनग़्मात-ए-ज़िंदगी-परवर
शिकस्ताहीवोसहीदिलभीएकसाज़तोहै
हज़ारक़िस्मत-ओ-माहौलज़िम्मेदारसही
मिरीतबाहीसेउनकाभीसाज़-बाज़तोहै
ग़ुरूर-ए-हुस्नसलामतमगरयेक्याकमहै
हमारादिलभीहरीफ़-ए-निगाह-ए-नाज़तोहै
हुआहैफ़ाशजहाँपरज़बाँपेआएबग़ैर
दिल-ओ-निगाहकेमाबैनकोईराज़तोहै
अता-ए-बादाकेइंकारसेयेभेदखुला
किमय-कशोंमेंतिरेपासइम्तियाज़तोहै
मुझेतलाश-ए-मसर्रतकीक्याज़रूरतहै
ख़ुशीयेकमनहींदिलमेराग़म-नवाज़तोहै
नहीं'सईद'मिरेपासशौकत-ए-अल्फ़ाज़
मिरीग़ज़लमेंमगरक़ल्बकागुदाज़तोहै