aag ke saath hi paani bhi bahm rakhna tha | आग के साथ ही पानी भी बहम रखना था

  - Iftikhar Raghib
आगकेसाथहीपानीभीबहमरखनाथा
दिलमेंथाइश्क़तोआँखोंकोभीनमरखनाथा
मुझकोमालूमथाबदलीहुईरुतकाअंजाम
फिरभीबे-ताबउमंगोंकाभरमरखनाथा
अबकहाँदिलकीतलबअक़्लसेहोकुछइमदाद
इकज़रासोचकेपहलाहीक़दमरखनाथा
उनसेउम्मीदरखतामैंवफ़ाकीकैसे
दस्त-ए-उल्फ़तमेंमोहब्बतकाइल्मरखनाथा
शिद्दत-ए-इश्क़मेंकरनाथाइज़ाफ़ा'राग़िब'
औरबे-ताबी-ए-जज़बातकोकमरखनाथा
  - Iftikhar Raghib
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