achchhe dinon ki aas laga kar main ne KHud ko roka hai | अच्छे दिनों की आस लगा कर मैं ने ख़ुद को रोका है

  - Iftikhar Raghib
अच्छेदिनोंकीआसलगाकरमैंनेख़ुदकोरोकाहै
कैसेकैसेख़्वाबदिखाकरमैंनेख़ुदकोरोकाहै
मैंनेख़ुदकोरोकाहैजज़्बातकीरौमेंबहनेसे
दिलमेंसौअरमानदबाकरमैंनेख़ुदकोरोकाहै
फ़ुर्क़तकेमौसममेंकैसेज़िंदाहूँतुमक्याजानो
कैसेइसदिलकोसमझाकरमैंनेख़ुदकोरोकाहै
छोड़केसबकुछतुमसेमिलनेजानादुश्वारनहीं
मुस्तक़बिलकाख़ौफ़दिलाकरमैंनेख़ुदकोरोकाहै
कटतेकहाँहैंहिज्रकेलम्हेफिरभीएकज़मानेसे
तेरीयादोंसेबहलाकरमैंनेख़ुदकोरोकाहै
वापसजानेकेसबरस्तेमैंनेख़ुदमसदूदकिए
कश्तीऔरपतवारजलाकरमैंनेख़ुदकोरोकाहै
जबभीमैंनेचाहा'राग़िब'दुश्मनपरयलग़ारकरूँँ
ख़ुदकोअपनेसामनेपाकरमैंनेख़ुदकोरोकाहै
  - Iftikhar Raghib
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