apni majboori bataata raha ro kar mujh ko | अपनी मजबूरी बताता रहा रो कर मुझ को

  - Iftikhar Naseem
अपनीमजबूरीबतातारहारोकरमुझको
वोमिलाभीतोकिसीऔरकाहोकरमुझको
मैंख़ुदातोनहींजोउसकोदिखाईदिया
ढूँढतामेरापुजारीकभीखोकरमुझको
पालियाजिसनेतह-ए-आबभीअपनासाहिल
मुतमइनथामिरातूफ़ानडुबोकरमुझको
रेग-ए-साहिलपेलिखीवक़्तकीतहरीरहूँमैं
मौजआएतोचलीजाएगीधोकरमुझको
नींदहीजैसेकोईकुंज-ए-अमाँहैअबतो
चैनमिलताहैबहुतदेरसेसोकरमुझको
फ़स्ल-ए-गुलहोतोनिकालेमुझेइसबर्ज़ख़से
भूलजाएतह-ए-संगवोबोकरमुझको
  - Iftikhar Naseem
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