mishal-e-ummeed thaamo rehnuma jaisa bhi hai | मिशअल-ए-उम्मीद थामो रहनुमा जैसा भी है

  - Iftikhar Naseem
मिशअल-ए-उम्मीदथामोरहनुमाजैसाभीहै
अबतोचलनाहीपड़ेगारास्ताजैसाभीहै
किसलिएसरकोझुकाएँअजनबीकेसामने
उससेहमवाक़िफ़तोहैंअपनाख़ुदाजैसाभीहै
किसकोफ़ुर्सतथीहुजूम-ए-शौक़मेंजोसोचता
दिलनेउसकोचुनलियावोबे-वफ़ाजैसाभीहै
सारीदुनियामेंवोमेरेवास्तेबसएकहै
फूलसाचेहराहैवोयाचाँदसाजैसाभीहै
फ़स्ल-ए-गुलमेंभीदिखाताहैख़िज़ाँ-दीदा-दरख़्त
टूटकरदेनेपेआएतोघटाजैसाभीहै
  - Iftikhar Naseem
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