main bhi be-ant hooñ aur tu bhi hai gahra sehra | मैं भी बे-अंत हूँ और तू भी है गहरा सहरा

  - Iftikhar Mughal
मैंभीबे-अंतहूँऔरतूभीहैगहरासहरा
याठहरमुझमेंयाख़ुदमेंमुझेठहरासहरा
रूहमेंलहरबनातेहैंतिरीलहरोंसे
औरकुछदेरमिरेसामनेलहरासहरा
आँखझपकीथीबसइकलम्हेकोऔरइसकेब'अद
मैंनेढूँडाहैतुझेज़िंदगीसहरासहरा
अपनीहस्तीकोबिखरनेसेबचालेनातुम
मुझपेमतजानामिरीजानमैंठहरासहरा
मेरेलहजेकासमुंदरहीनहींसूखाहै
लुटगयातेरीहँसीकाभीसुनहरासहरा
  - Iftikhar Mughal
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