kabhi kabhi to ye haalat bhi ki mohabbat ne | कभी कभी तो ये हालत भी की मोहब्बत ने

  - Iftikhar Mughal
कभीकभीतोयेहालतभीकीमोहब्बतने
निढालकरदियामुझकोतिरीमोहब्बतने
तिरीयेपहलीमोहब्बतहैतुझकोक्यामालूम
घुलादियामुझेइसआख़िरीमोहब्बतने
वोयूँँभीख़ैरसेसरमाकाचाँदथीलेकिन
उसेउजालदियाऔरभीमोहब्बतने
मुझेख़ुदानेअधूराहीछोड़नाथामगर
मुझेबनादियाइकशख़्सकीमोहब्बतने
येतुमजोमेरेलिएख़्वाबछोड़आईहो
तुम्हेंजगायातोहोगामिरीमोहब्बतने
मैंजिसकोपहलेपहलदिल-लगीसमझताथा
मुझेतोमारदियाइसनईमोहब्बतने
येअपनेअपनेनसीबोंकीबातहैवर्ना
किसीको'मीर'बनायाइसीमोहब्बतने
येजिस्म-ओ-जानयेनाम-ओ-नुमूदहस्ब-ओ-नसब
येसारेवहमथेइज़्ज़ततोदीमोहब्बतने
मोहब्बतऔरइबादतमेंफ़र्क़तोहैनाँ
सोछीनलीहैतिरीदोस्तीमोहब्बतने
  - Iftikhar Mughal
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