जमाल-गाह-ए-तग़ज़्ज़ुलकीताब-ओ-तबतिरीयाद
पतंगनाए-ग़ज़लमेंसमाएकबतिरीयाद
किसीखंडरसेगुज़रतीहवाकानम!तिराग़म!!
शजरपेगिरतीहुईबर्फ़कातरबतिरीयाद
तूमुझसेमेरेज़मानोंकापूछतीहैतोसुन!
तिराजुनूँ,तिरासौदा,तिरीतलब,तिरीयाद
गुज़र-गहोंकोउजड़नेनहींदियातूने
कभीयहाँसेगुज़रतीथीतू,औरअबतिरीयाद
येक़ैद-ए-उम्रतोकटतीनज़रनहींआती!
बसइकक़रीना!तिराध्यान,एकढब!तिरीयाद
ब-फ़ैज़-ए-दर्द-ए-मोहब्बतमैंख़ुशनसब,मैंनजीब!
मिराक़बीलातिराग़म,मिरानसबतिरीयाद
ब-जुज़हिकायत-ए-तूईंवजूद-ए-चीज़-ए-नीस्त
मैंकुलकाकुलतिराक़िस्सामैंसबकासबतिरीयाद
दरींगुमान-कदाकुल्लो-मन-अलैहा-फ़ान
बसइकछलावामिराइश्क़,एकछबतिरीयाद
बहरसबील-ए-हुनरकासफ़रतोजारीहै
कभीकुछऔरबहाना,कभूसबबतिरीयाद