ख़याल-ए-बदसेहमा-वक़्तइज्तिनाबकरो
फ़ज़ा-ए-शहरकोदानिस्तामतख़राबकरो
जहाँमेंआएहोदोदिनकीज़िंदगीलेकर
हरइकमहाज़पेतुमउसकोकामयाबकरो
तमामशहरहैडूबाहुआअँधेरेमें
तुमअपनेचाँदसेचेहरेकोबे-नक़ाबकरो
इधरख़ुलूसउधरबुग़्ज़औरनफ़रतहै
अज़ीज़क्याहैतुम्हेंइसकाइंतिख़ाबकरो
जोतुमनेमुझकोदियाऔरमैंनेतुमकोदिया
तुमउसकाबैठकेचौपालमेंहिसाबकरो
हिजाबअज़्मत-ए-इंसानियतकाज़ामिनहै
रहोकहींभीपपाबंदी-ए-हिजाबकरो
अगरवतनसेमोहब्बतहैतुमकोऐ'इबरत'
तोपैदाअज़्मसेतुमसब्ज़इंक़लाबकरो