mire hi dil ko apna ghar samajhna | मिरे ही दिल को अपना घर समझना

  - Ibrat Bahraichi
मिरेहीदिलकोअपनाघरसमझना
उसेतुमताजसेबेहतरसमझना
करनाख़ैर-ख़्वाहीतुमकिसीकी
जोबेहतरहोउसेबेहतरसमझना
इतरानाकभीशोहरतपेअपनी
सदाअपनेकोतुमअहक़रसमझना
उड़ादेआदमीकोजोबमोंसे
उसेचंगेज़कालश्करसमझना
हैधोकादेनाअपनेआपकोबस
किसीइंसानकोबे-परसमझना
बहुतनुक़्सान-देहहोगावोसाबित
चमकतीरेतकोमंज़रसमझना
शब-ए-ग़ममेंसितारोंको'इबरत'
सुकूँ-परवरनहींअख़गरसमझना
  - Ibrat Bahraichi
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