tum sa gar raahbar nahin hota | तुम सा गर राहबर नहीं होता

  - Ibrat Bahraichi
तुमसागरराहबरनहींहोता
कोईभीराहपरनहींहोता
रास्तेभीफ़रेबदेतेहैं
जबकोईहम-सफ़रनहींहोता
उसकीयादेंजोहम-सफ़रहोतीं
तोसफ़रतूल-तरनहींहोता
अपनेसाएसेजोहोमहरूम
ऐसाकोईशजरनहींहोता
हाँमैंउसकीअगरमिलाताहाँ
दारपेमेरासरनहींहोता
मैंनिकलताहूँजबसफ़रकेलिए
घरमेंरख़्त-ए-सफ़रनहींहोता
लाखकरताहूँकोशिशें'इबरत'
ग़ममगरमुख़्तसरनहींहोता
  - Ibrat Bahraichi
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