zindagi waa | ज़िंदगी वादी ओ सहरा का सफ़र है क्यूँँ है

  - Ibrahim Ashk
ज़िंदगीवादीसहराकासफ़रहैक्यूँँहै
इतनीवीरानमिरीराह-गुज़रहैक्यूँँहै
तूउजालेकीतरहकेलिपटजामुझसे
इकअँधेरासाइधरऔरउधरहैक्यूँँहै
रोज़मिलताहैकोईदिलकोलुभानेवाला
फिरभीतूहीमिरामहबूब-ए-नज़रहैक्यूँँहै
घरकीतस्वीरभीसहराकीतरहहैलेकिन
फ़र्क़इतनाहैकिदीवारहैदरहैक्यूँँहै
जिसकोदेखूँवहीबर्बादहुआजाताहै
आदमीक्याहैमोहब्बतकाखंडरहैक्यूँँहै
मैंसमुंदरहूँमगरप्यासहैक़िस्मतमेरी
मेरेदामनमेंअगर'अश्क'गुहरहैक्यूँँहै
  - Ibrahim Ashk
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