रातभरतन्हारहादिनभरअकेलामैंहीथा
शहरकीआबादियोंमेंअपनेजैसामैंहीथा
मैंहीदरियामैंहीतूफ़ाँमैंहीथाहरमौजभी
मैंहीख़ुदकोपीगयासदियोंसेप्यासामैंहीथा
किसलिएकतराकेजाताहैमुसाफ़िरदमतोले
आजसूखापेड़हूँकलतेरासायामैंहीथा
कितनेजज़्बोंकीनिरालीख़ुशबुएँथींमेरेपास
कोईउनकाचाहनेवालानहींथामैंहीथा
दूरहीसेचाहनेवालेमिलेहरमोड़पर
फ़ासलेसारेमिटानेकोतड़पनामैंहीथा
मेरीआहटसुननेवालादिलनथादुनियाकेपास
रास्तेमें'अश्क'बे-मक़्सदजोभटकामैंहीथा