raat bhar tanhaa raha din bhar akela main hi tha | रात भर तन्हा रहा दिन भर अकेला मैं ही था

  - Ibrahim Ashk
रातभरतन्हारहादिनभरअकेलामैंहीथा
शहरकीआबादियोंमेंअपनेजैसामैंहीथा
मैंहीदरियामैंहीतूफ़ाँमैंहीथाहरमौजभी
मैंहीख़ुदकोपीगयासदियोंसेप्यासामैंहीथा
किसलिएकतराकेजाताहैमुसाफ़िरदमतोले
आजसूखापेड़हूँकलतेरासायामैंहीथा
कितनेजज़्बोंकीनिरालीख़ुशबुएँथींमेरेपास
कोईउनकाचाहनेवालानहींथामैंहीथा
दूरहीसेचाहनेवालेमिलेहरमोड़पर
फ़ासलेसारेमिटानेकोतड़पनामैंहीथा
मेरीआहटसुननेवालादिलथादुनियाकेपास
रास्तेमें'अश्क'बे-मक़्सदजोभटकामैंहीथा
  - Ibrahim Ashk
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