नकू-ए-यारमेंठहरानअंजुमनमेंरहा
अदा-ए-नाज़सेयेदिलसरा-ए-फ़नमेंरहा
हज़ारोंतूफ़ाँउठाएहैंवक़्तआनेपर
लहूभीख़ासअदासमिरेबदनमेंरहा
मैंएकरंगथारंग-ए-ख़याल-ए-आवारा
किसीधनकमेंकिसीरुतकेपैरहनमेंरहा
अनाहीथीकिनझुकनेदियाकभीमुझको
पहाड़सरपेउठाकरभीबाँकपनमेंरहा
वोमैंहीथाकिकोईऔरथानहींमा'लूम
तमामउम्रजोमेरेहीजानओतनमेंरहा
सफ़ीर-ए-जाँकेलिएमंज़िलेंनहींहोतीं
कोईपड़ावभीआयातोवोथकनमेंरहा
उठीजोसैफ़-ए-सितमबे-नियाज़-ए-मौत-ओ-हयात
क़लम-ब-दस्तखड़ावादी-ए-सुख़नमेंरहा