zehan se dil ka baar utara hai | ज़ेहन से दिल का बार उतरा है

  - Ibn-e-Safi
ज़ेहनसेदिलकाबारउतराहै
पैरहनतारतारउतराहै
डूबजानेकीलज़्ज़तेंमतपूछ
कौनऐसेमेंपारउतराहै
तर्क-ए-मयकरकेभीबहुतपछताए
मुद्दतोंमेंख़ुमारउतराहै
देखकरमेरादश्त-ए-तन्हाई
रंग-ए-रू-ए-बहारउतराहै
पिछलीशबचाँदमेरेसाग़रमें
पय-ब-पयबारबारउतराहै
  - Ibn-e-Safi
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