aaj bhi mushkilaat kam to nahin | आज भी मुश्किलात कम तो नहीं

  - Hafeez Shahid
आजभीमुश्किलातकमतोनहीं
बारिश-ए-हादसातकमतोनहीं
एकसूरजग़ुरूबहोनेसे
रौनक़-ए-काएनातकमतोनहीं
क्यूँँशिकायतहैमौसम-ए-गुलसे
शाख़परफूल-पातकमतोनहीं
उम्रभरकीरफ़ाक़तोंकेबा'द
हिज्रकीएकरातकमतोनहीं
उसकीमर्ज़ीसेचारदिनजीना
इसक़दरभीहयातकमतोनहीं
मैंतिरीज़ातहीकाहिस्साहूँ
मुझमेंतेरीसिफ़ातकमतोनहीं
वक़्तसेक्यागिलाकरूँँ'शाहिद'
वक़्तकाइल्तिफ़ातकमतोनहीं
  - Hafeez Shahid
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