दर्दसाउठकेनरहजाएकहींदिलकेक़रीब
मेरीकश्तीनकहींग़र्क़होसाहिलकेक़रीब
वज्दमेंरूहहैऔररक़्समेंहैपा-ए-तलब
देखिएहालमिरेशौक़कामंज़िलकेक़रीब
रहगयाथाजोकभीपा-ए-तलबमेंचुभकर
अबवहीख़ार-ए-तमन्नाहैरग-ए-दिलकेक़रीब
अबवोपीरीमेंकहाँअहद-ए-जवानीकीउमंग
रंगमौजोंकाबदलजाताहैसाहिलकेक़रीब
जज़्बा-ए-शौक़भीकुछकामनआया'हादी'
ना-तवानीनेबिठायामुझेमंज़िलकेक़रीब