tu na ho ham-nafs agar jeene ka lutf hi nahin | तू न हो हम-नफ़स अगर जीने का लुत्फ़ ही नहीं

  - Hadi Machlishahri
तूहोहम-नफ़सअगरजीनेकालुत्फ़हीनहीं
जिसमेंतूशरीकहोमौतहैज़िंदगीनहीं
इशरत-ए-दीदहैयहीअपनाभीकुछरहेहोश
जल्वाब-क़ैद-ए-ताब-ए-दीदअस्लमेंजल्वाहीनहीं
अव्वल-ए-इश्क़हीमेंक्यादिलकामआलदेखना
येतोहैइब्तिदा-ए-सोज़आगअभीलगीनहीं
इश्क़हैकैफ़-ए-बे-ख़ुदीइसकोख़ुदीसेक्याग़रज़
जिसकीफ़ज़ाहोवस्लहिज्रइश्क़वोइश्क़हीनहीं
येभीहोख़बरकिसरसज्देमेंहैझुकाहुआ
जिसमेंहोबंदगीकाहोशवोकोईबंदगीनहीं
किसकासर-ए-नियाज़थापा-ए-अयाज़परझुका
माना-ए-बंदगी-ए-शौक़सतवत-ए-ख़ुसरवीनहीं
करसुकून-ए-दिलकाग़महादी-ए-मुब्तलाज़राइश्क़कीबारगाहमेंदर्दकीकुछकमीनहीं
  - Hadi Machlishahri
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