ashk-e-gham uqda-kusha-e-khalish-e-jaan niklaa | अश्क-ए-ग़म उक़्दा-कुशा-ए-ख़लिश-ए-जाँ निकला

  - Hadi Machlishahri
अश्क-ए-ग़मउक़्दा-कुशा-ए-ख़लिश-ए-जाँनिकला
जिसकोदुश्वारमैंसमझाथावोआसाँनिकला
किसक़दरदस्त-ए-जुनूँबे-सर-ओ-सामाँनिकला
तुझमैंइकतारचाक-गिरेबांनिकला
उफ़वोतक़दीरजोतदबीरकीपाबंदरही
हैफ़वोदर्दजोमिन्नत-कश-ए-दरमाँनिकला
ख़ाकहोकरभीरहाजल्वा-तराज़ीकादिमाग़
मेराहरज़र्रा-ए-दिलतूर-बदामाँनिकला
अल-अमाँवोख़लिश-ए-जाँजोमिटाएमिटी
हाएवोदमजोब-सद-काविश-ए-पिन्हाँनिकला
  - Hadi Machlishahri
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