kahii aah ban ke lab par tira naam aa na jaa.e | कहीं आह बन के लब पर तिरा नाम आ न जाए

  - Habib Jalib
कहींआहबनकेलबपरतिरानामजाए
तुझेबे-वफ़ाकहूँमैंवोमक़ामजाए
ज़राज़ुल्फ़कोसँभालोमिरादिलधड़करहाहै
कोईऔरताइर-ए-दिलतह-ए-दामजाए
जिसेसुनकेटूटजाएमिराआरज़ूभरादिल
तिरीअंजुमनसेमुझकोवोपयामजाए
वोजोमंज़िलोंपेलाकरकिसीहम-सफ़रकोलूटें
उन्हींरहज़नोंमेंतेराकहींनामजाए
इसीफ़िक्रमेंहैंग़लताँयेनिज़ाम-ए-ज़रकेबंदे
जोतमाम-ए-ज़िंदगीहैवोनिज़ामजाए
येमहनुजूमहँसलेंमिरेआँसुओंपे'जालिब'
मिरामाहताबजबतकलब-ए-बामजाए
  - Habib Jalib
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