kabhi to meherbaan ho kar bula len | कभी तो मेहरबाँ हो कर बुला लें

  - Habib Jalib
कभीतोमेहरबाँहोकरबुलालें
येमहवशहमफ़क़ीरोंकीदु'आलें
जानेफिरयेरुतआएआए
जवाँफूलोंकीकुछख़ुश्बूचुरालें
बहुतरोएज़मानेकेलिएहम
ज़राअपनेलिएआँसूबहालें
हमउनकोभूलनेवालेनहींहैं
समझतेहैंग़म-ए-दौराँकीचालें
हमारीभीसँभलजाएगीहालत
वोपहलेअपनीज़ुल्फ़ेंतोसँभालें
निकलनेकोहैवोमहताबघरसे
सितारोंसेकहोनज़रेंझुकालें
हमअपनेरास्तेपरचलरहेहैं
जनाब-ए-शैख़अपनारास्तालें
ज़मानातोयूँँहीरूठारहेगा
चलो'जालिब'उन्हेंचलकरमनालें
  - Habib Jalib
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