apnon ne vo rang diye hain begaane yaad aate hain | अपनों ने वो रंग दिए हैं, बेगाने याद आते हैं

  - Habib Jalib
अपनोंनेवोरंगदिएहैं,बेगानेयादआतेहैं
देखकेइसबस्तीकीहालतवीरानेयादआतेहैं
इसनगरीमेंक़दम-क़दमपेसरकोझुकानापड़ताहै
इसनगरीमेंक़दम-क़दमपरबुतख़ानेयादआतेहैं
आँखेंपुरनमहोजातीहैंग़ुरबतकेसेहराओंमें
जबउसरिमझिमकीवादीकेअफ़सानेयादआतेहैं
ऐसे-ऐसेदर्दमिलेहैंनएदयारोंमेंहमको
बिछड़ेहुएकुछलोग,पुरानेयारानेयादआतेहैं
जिनकेकारनआजहमारेहालपेदुनियाहंसतीहै
कितनेज़ालिमचेहरेजाने-पहचानेयादआतेहैं
यूँँंलुटीथीगलियों-गलियोंदौलतअपनेअश्क़ोंकी
रोतेहैंतोहमकोअपनेग़मख़ानेयादआतेहैं
कोईतोपरचमलेकरनिकलेअपनेगरेबांकाजालिब
चारोंजानिबसन्नाटाहै,दीवानेयादआतेहैं
  - Habib Jalib
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