she'r se shaayri se darte hain | शे'र से शा'इरी से डरते हैं

  - Habib Jalib
शे'रसेशा'इरीसेडरतेहैं
कम-नज़ररौशनीसेडरतेहैं
लोगडरतेहैंदुश्मनीसेतिरी
हमतिरीदोस्तीसेडरतेहैं
दहरमेंआह-ए-बे-कसाँकेसिवा
औरहमकबकिसीसेडरतेहैं
हमकोग़ैरोंसेडरनहींलगता
अपनेअहबाबहीसेडरतेहैं
दावर-ए-हश्रबख़्शदेशायद
हाँमगरमौलवीसेडरतेहैं
रूठताहैतोरूठजाएजहाँ
उनकीहमबे-रुख़ीसेडरतेहैं
हरक़दमपरहैमोहतसिब'जालिब'
अबतोहमचाँदनीसेडरतेहैं
  - Habib Jalib
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