दरख़्तसूखगएरुकगएनदीनाले
येकिसनगरकोरवानाहुएहैंघरवाले
कहानियाँजोसुनातेथेअहद-ए-रफ़्ताकी
निशाँवोगर्दिश-ए-अय्यामनेमिटाडाले
मैंशहरशहरफिराहूँइसीतमन्नामें
किसीकोअपनाकहूँकोईमुझकोअपनाले
सदानदेकिसीमहताबकोअँधेरोंमें
लगानदेयेज़मानाज़बानपरताले
कोईकिरनहैयहाँतोकोईकिरनहैवहाँ
दिलओनिगाहनेकिसदर्जारोगहैंपाले
हमींपेउनकीनज़रहैहमींपेउनकाकरम
येऔरबातयहाँऔरभीहैंदिलवाले
कुछऔरतुझपेखुलेंगीहक़ीक़तें'जालिब'
जोहोसकेतोकिसीकाफ़रेबभीखाले