bate rahoge to apna yoonhi bahega lahu | बटे रहोगे तो अपना यूँँही बहेगा लहू

  - Habib Jalib
बटेरहोगेतोअपनायूँँहीबहेगालहू
हुएएकतोमंज़िलबनसकेगालहू
होकिसघमंडमेंलख़्तलख़्तदीदा-वरो
तुम्हेंभीक़ातिल-ए-मेहनत-कशाँकहेगालहू
इसीतरहसेअगरतुमअना-परस्तरहे
ख़ुदअपनाराह-नुमाआपहीबनेगालहू
सुनोतुम्हारेगरेबानभीनहींमहफ़ूज़
डरोतुम्हाराभीइकदिनहिसाबलेगालहू
अगरअहदकियाहमनेएकहोनेका
ग़नीमसबकायूँँहीबेचतारहेगालहू
कभीकभीमिरेबच्चेभीमुझसेपूछतेहैं
कहाँतकऔरतूख़ुश्कअपनाहीकरेगालहू
सदाकहायहीमैंनेक़रीब-तरहैवोदूर
किजिसमेंकोईहमारापीसकेगालहू
  - Habib Jalib
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