kam puraana bahut naya tha firaq | कम पुराना बहुत नया था फ़िराक़

  - Habib Jalib
कमपुरानाबहुतनयाथाफ़िराक़
इकअजबरम्ज़-आशनाथाफ़िराक़
दूरवोकबहुआनिगाहोंसे
धड़कनोंमेंबसाहुआहैफ़िराक़
शाम-ए-ग़मकेसुलगतेसहरामें
इकउमंडतीहुईघटाथाफ़िराक़
अम्नथाप्यारथामोहब्बतथा
रंगथानूरथानवाथाफ़िराक़
फ़ासलेनफ़रतोंकेमिटजाएँ
प्यारहीप्यारसोचताथाफ़िराक़
हमसेरंज-ओ-अलमकेमारोंको
किसमोहब्बतसेदेखताथाफ़िराक़
इश्क़इंसानियतसेथाउसको
हरतअ'स्सुबसेमावराथाफ़िराक़
  - Habib Jalib
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