sab men hooñ phir kisi se sarokaar bhi nahin | सब में हूँ फिर किसी से सरोकार भी नहीं

  - Habeeb Moosavi
सबमेंहूँफिरकिसीसेसरोकारभीनहीं
ग़ाफ़िलअगरनहींहूँतोहोश्यारभीनहीं
क़ीमतअगरवोदेतेहैंतकरारभीनहीं
कुछहमकोदिलकेदेनेमेंइंकारभीनहीं
निस्बतहैजिस्मरूहकीअल्लाह-रेइत्तिहाद
सुब्हाअगरनहींहैतोज़ुन्नारभीनहीं
बैठाहूँउसकीयादमेंभूलाहूँग़ैरको
ज़ाहिदअगरनहींहूँरिया-कारभीनहीं
जाएँवोक़त्ल-ए-ग़ैरकोहमरश्कसेमरें
ऐसीतोअपनीजानसेबेज़ारभीनहीं
आनाहोआओवर्नायेकहदोआएँगे
सुनलोयेदोहीबातेंहैंतूमारभीनहीं
सौदातमामहोगयाबाज़ारउठगया
वोदिलभीअबनहींवोख़रीदारभीनहीं
तर्ज़-ए-जफ़ाभीभूलगईक्यावफ़ाकेसाथ
दिल-दारगरनहींहोदिल-आज़ारभीनहीं
लेंगेहज़ारदरसेपलटकरदर-ए-मुराद
मुनइमदेंतोक्यातिरीसरकारभीनहीं
भेजेंगेहस्ब-ए-हालउन्हेंगोलिखसकें
क्यादामनऔरदीदा-ए-ख़ूँ-बारभीनहीं
बुलबुलचमनकोदेखख़िज़ाँकेसितमकोदेख
गुलकातोज़िक्रक्याहैकहींख़ारभीनहीं
आज़ादहैंशराबकेआदीनहीं'हबीब'
अहबाबगरपिलाएँतोइंकारभीनहीं
  - Habeeb Moosavi
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