taarikee men noor ka manzar suraj men shab dekhoge | तारीकी में नूर का मंज़र सूरज में शब देखोगे

  - Ghazanfar
तारीकीमेंनूरकामंज़रसूरजमेंशबदेखोगे
जिसदिनतुमआँखेंखोलोगेदुनियाकोजबदेखोगे
धीरेधीरेहरजानिबसन्नाटासाछाजाएगा
सोजाएँगीरफ़्तारफ़्ताआवाज़ेंसबदेखोगे
खम्बेसारेटूटचुकेहैंछप्परगिरनेवालाहै
बुनियादोंपरजीनेवालोऊपरतुमकबदेखोगे
शायदतुमभीमेरेजैसेहोजाओगेआँखोंसे
सह
मेंचेहरेगुंगज़बानेंज़र्दबदनजबदेखोगे
वोतोबाज़ीगरहैंउनकामक़्सदखेलदिखानाहै
तुमतोफ़रज़ानेहोसाहिबकबतककर्तबदेखोगे
पहलेतोसरसब्ज़रहोगेफिरपीलेपड़जाओगे
जिसदिनतुमभीरंग-नगरमेंसुर्ख़कोईलबदेखोगे
बैठेबैठेघरमेंयूँँहीपलपलघुटघुटमरनाहै
यानिकलोगेघरआँगनसेजीनेकाढबदेखोगे
कलतकजोशफ़्फ़ाफ़थेचेहरेआवाज़ोंसेख़ालीथे
आड़ी-तिरछीसुर्ख़लकीरेंउनपरभीअबदेखोगे
खम्बेतोयेगाड़चुकेहैंरस्सीभीअबतानेंगे
येभीखेलहीखुलेंगेइनकेभीकर्तबदेखोगे
  - Ghazanfar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy