saamaan-e-aish saara ha | सामान-ए-ऐश सारा हमें यूँँ तू दे गया

  - Ghazanfar
सामान-ए-ऐशसाराहमेंयूँँतूदेगया
लेकिनहमारेमुँहसेज़बाँकाटलेगया
दफ़्तरमेंज़ेहनघरनिगहरास्तेमेंपाँव
जीनेकीकाविशोंमेंबदनहाथसेगया
सीनेसेआगआँखसेपानीरगोंसेख़ून
इकशख़्सहमसेछीनकेक्याक्यालेगया
लबपरसुकूतदिलमेंउदासीनज़रमेंख़ौफ़
मेराउरूजमुझकोयेसौग़ातदेगया
ख़्वाबोंकाइकतिलिस्मबचाथादिमाग़में
अबकेबरसइसेभीकोईतोड़लेगया
फुंकारताहुआमुझेइकअज़दहामिला
जबभीकिसीख़ज़ानेकादरखोलनेगया
  - Ghazanfar
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