चश्म-ए-हैरतकोत’अल्लुक़कीफ़ज़ातकलेगया
कोईख़्वाबोंसेमुझेदश्त-ए-बलातकलेगया
टूटतीपरछाइयोंकेशहरमेंतन्हाहूँअब
हादसोंकासिलसिलाग़म-आश्नातकलेगया
धूपदीवारोंपेचढ़करदेखतीहीरहगई
कौनसूरजकोअँधेरोंकीगुफातकलेगया
उम्रभरमिलनेनहींदेतीहैंअबतोरंजिशें
वक़्तहमसेरूठजानेकीअदातकलेगया
इसक़दरगहरीउदासीकासबबखुलतानहीं
जैसेहोंटोंसेकोईहर्फ़-ए-दु'आतकलेगया
जानेकिसउम्मीदपरइकआरज़ूकासिलसिला
मुझसेपैहमदूरहोतीइकसदातकलेगया
ख़ाकमेंमिलतेहुएबर्ग-ए-ख़िज़ाँसेपूछिए
कौनशाख़ोंसेउसेऊँचीहवातकलेगया