pahunch kar shab ki sarhad par ujaala doob jaata haina ho jis ka koi vo be-sahaara doob jaata hai | पहुँच कर शब की सरहद पर उजाला डूब जाता है

  - Ghayas Anjum
पहुँचकरशबकीसरहदपरउजालाडूबजाताहै
होजिसकाकोईवोबे-सहाराडूबजाताहै
जिसेगाताहैकोईबरबत-ए-सद-चाक-दामाँपर
फ़ज़ा-ए-बे-यक़ीनीमेंवोनग़्माडूबजाताहै
यहाँतोदिलकीबातेंहैंहमारातजरबाहैये
जोसत्ह-ए-आबपररखिएतोपैसाडूबजाताहै
तअ'ल्लुक़देरसेमज़बूतकरताहैजड़ेंअपनी
ज़रासीचूकसेसदियोंकारिश्ताडूबजाताहै
तिरीयादोंकीदुनियासेकभीजोदूरहोताहूँ
उदासीघेरलेतीहैनज़ाराडूबजाताहै
जानेक्याहोतेरेशहरमेंअबजाकेदेखूँगा
यहाँतोअपनीक़िस्मतकासिताराडूबजाताहै
उबलपड़ताहैआफ़तकाकहींलावातोफिर'अंजुम'
ग़म-ओ-अंदोहमेंमासूमचेहराडूबजाताहै
  - Ghayas Anjum
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